18वीं वन रिपोर्ट 2023
जारी: 21 दिसंबर, 2024
जारीकर्ता: भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
मंत्री: श्री भूपेंद्र यादव
भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) द्वारा यह रिपोर्ट प्रत्येक 2 वर्ष में तैयार की जाती है। पहली बार यह रिपोर्ट 1987 में जारी की गई थी।
भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI)
स्थापना: 1981
मुख्यालय: देहरादून (उत्तराखंड)
कार्य: देश के वन संसाधनों का मूल्यांकन और निगरानी करना
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वनावरण एवं वृक्षावरण (Forest Cover & Tree Cover)
वनावरण उन सभी भूमि क्षेत्रों को माना जाता है, जिनका क्षेत्रफल 1 हेक्टेयर से अधिक हो और जहाँ वृक्ष घनत्व 10% से अधिक हो। वृक्षावरण में छोटे वृक्ष समूह और वन क्षेत्र के बाहर लगे पेड़ शामिल होते हैं।
2021 और 2023 की तुलना
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अधिकतम वनावरण एवं वृक्षावरण वाले राज्य
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2023 में वनावरण वृद्धि वाले शीर्ष राज्य
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राष्ट्रीय वन नीति - 1988
भारत में कुल क्षेत्रफल का 33% हिस्सा वनों से आच्छादित करने का लक्ष्य
वन संरक्षण अधिनियम, 1990 के तहत वनों की सुरक्षा एवं विकास
सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम
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वनावरण प्रतिशत के आधार पर शीर्ष राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
भारत के 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 33% से अधिक वनावरण है।
इनमें से 8 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 75% से अधिक वनावरण मौजूद है:
1. मिजोरम
2. लक्षद्वीप
3. अंडमान व निकोबार द्वीप समूह
4. अरुणाचल प्रदेश
5. नागालैंड
6. मेघालय
7. त्रिपुरा
8. मणिपुर
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मैंग्रोव वन (Mangrove Cover)
भारत में कुल मैंग्रोव वनावरण: 4992 वर्ग किमी
पिछले 2 वर्षों में मैंग्रोव क्षेत्र में वृद्धि: 78 वर्ग किमी
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बांस वन क्षेत्र (Bamboo Forest Area)
भारत में बांस आधारित क्षेत्र: 1,54,670 वर्ग किमी
2021 के आकलन की तुलना में वृद्धि: 5,227 वर्ग किमी
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कार्बन स्टॉक और कार्बन सिंक
कार्बन स्टॉक
परिभाषा: कार्बन स्टॉक का अर्थ है, किसी विशेष पारिस्थितिकी तंत्र में संग्रहीत कुल कार्बन की मात्रा। यह मृदा, पेड़-पौधे, महासागर आदि में संग्रहीत होता है।
भारत का कुल कार्बन स्टॉक: 7,285.5 मिलियन टन
2021 के आकलन की तुलना में वृद्धि: 81.5 मिलियन टन
कार्बन सिंक
परिभाषा: कार्बन सिंक वे प्राकृतिक स्थान हैं, जो वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर सकते हैं। जैसे—वन, महासागर, मिट्टी आदि।
भारत का कार्बन स्टॉक 30.43 मिलियन टन CO2 के समतुल्य पहुँच चुका है।
2005 की तुलना में 2.29 मिलियन टन अतिरिक्त कार्बन सिंक विकसित किया गया।
भारत का लक्ष्य 2030 तक 2.5 से 3.0 बिलियन टन कार्बन सिंक तैयार करना है।
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निष्कर्ष
1. वनावरण एवं वृक्षावरण में वृद्धि हो रही है, लेकिन यह अभी भी राष्ट्रीय लक्ष्य (33%) से कम है।
2. छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में वन क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई।
3. मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ वन क्षेत्र में सबसे आगे हैं।
4. कार्बन स्टॉक में भी बढ़ोतरी हुई है, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है।
5. भारत सरकार के विभिन्न वृक्षारोपण एवं संरक्षण कार्यक्रमों से वन क्षेत्र बढ़ रहा ह